वी अवेयर फाउंडेशन को दिलकुशा कालोनी में ए-2 टाइप-6 आवास आवंटित है। कैबिनेट ने इस पर बकाया किराया 27 लाख रुपया माफ कर दिया है। इसके साथ ही भवन आवंटन के नवीनीकरण के प्रस्ताव को भी मंजूरी प्रदान की गयी है।
लखनऊ। योगी आदित्यनाथ की कैबिनेट बैठक में सोमवार को भाजपा की महिला नेता को बड़ा उपहार देने के प्रस्ताव को सर्वसम्मति से पास कर दिया। सीएम योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में कैबिनेट ने स्वर्गीय मुलायम सिंह यादव की छोटी बहू अपर्णा यादव के एनजीओ पर बकाया किराया माफ कर दिया।
राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव के एनजीओ (गैर सरकारी संस्था) वी अवेयर फाउंडेशन को दिलकुशा कालोनी में ए-2 टाइप-6 आवास आवंटित है। कैबिनेट ने इस पर बकाया किराया 27 लाख रुपया माफ कर दिया है। इसके साथ ही भवन आवंटन के नवीनीकरण के प्रस्ताव को भी मंजूरी प्रदान की गयी है।
इसके अतिरिक्त राज्य के पूर्व मुख्य सचिव आरके तिवारी को पूर्व में आवंटित सरकारी आवासों का बकाया तकरीबन दस लाख किराया माफ करने का भी कैबिनेट ने निर्णय लिया है।
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) के अध्यक्ष एवं सदस्यों की पेंशन अब सातवें वेतन आयोग के अनुरूप पुनरीक्षण करने के प्रस्ताव को स्वीकृति मिल गई है। कैबिनेट की बैठक में इसके लिए उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (सेवा की शर्तें) (तीसवां संशोधन) विनियमावली-2026 को हरी झंडी दे दी गई। संशोधित व्यवस्था को एक जनवरी 2016 से प्रभावी माना जाएगा।कैबिनेट ने कार्मिक विभाग के जिस प्रस्ताव को स्वीकृति दी है
उसमें पूर्व सरकारी सेवा से पेंशन प्राप्त करने वाले आयोग के अध्यक्ष की वार्षिक पेंशन 3,70,080 रुपये निर्धारित की गई है। वहीं सदस्यों की वार्षिक पेंशन एक जनवरी 2016 से 25 अक्टूबर 2023 तक 2,96,064 रुपये तथा 26 अक्टूबर 2023 से 3,34,552 रुपये होगी। पूर्व की सरकारी सेवा व आयोग की पेंशनों का कुल योग 1,12,500 रुपये प्रतिमाह (13.50 लाख रुपये वार्षिक) से अधिक नहीं होगा।
जिन अध्यक्ष या सदस्यों ने पहले सरकारी सेवा नहीं की है, उनके लिए भी कैबिनेट से पास यही संशोधित पेंशन व्यवस्था लागू होगी। अध्यक्ष को 3,70,080 रुपये वार्षिक तथा सदस्यों को निर्धारित अवधि के अनुसार 2,96,064 रुपये और 26 अक्टूबर 2023 से 3,34,552 रुपये वार्षिक पेंशन मिलेगी।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि आयोग में तीन वर्ष से कम सेवा देने वाले अध्यक्ष या सदस्य किसी प्रकार की पेंशन के पात्र नहीं होंगे। यदि सेवा अवधि तीन, चार या पांच वर्ष रही है तो उन्हें क्रमशः निर्धारित पेंशन का 3/6, 4/6 और 5/6 भाग ही देय होगा।


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