लखनऊ। राजधानी लखनऊ के बख्शी का तालाब क्षेत्र अंतर्गत छुइयापुरवा पावर हाउस के फतेपुर खमराई–संसारपुर चौराहे पर लगा एक बिजली का पोल गंभीर हादसे का कारण बन सकता है। यह स्थान एक अत्यंत व्यस्त सार्वजनिक एवं व्यावसायिक (कमर्शियल) क्षेत्र है,
जहाँ दिन-रात लोगों की आवाजाही बनी रहती है। सड़क किनारे कई दुकानें संचालित होती हैं, जिन पर हर समय ग्राहकों की भीड़ रहती है। इसी मार्ग से स्कूली बच्चे, महिलाएँ, बुजुर्ग, दोपहिया और चारपहिया वाहन लगातार गुजरते हैं।
मौके पर देखा जा सकता है कि बिजली का पोल काफी झुका हुआ है और उस पर बिजली तथा केबल के कई तारों का दबाव बना हुआ है। पोल की मौजूदा स्थिति किसी भी समय बड़े हादसे का कारण बन सकती है। यदि तेज हवा, बारिश या किसी अन्य वजह से यह पोल गिर जाता है या तार टूट जाते हैं, तो दर्जनों लोगों की जान जोखिम में पड़ सकती है और भारी आर्थिक नुकसान भी हो सकता है।
बरसात के मौसम में बिजली के पोल और तारों से जुड़े हादसों की आशंका और बढ़ जाती है। यदि पोल गिरकर बिजली के तार सड़क पर आ जाते हैं या करंट फैलता है, तो भीड़भाड़ वाले इस चौराहे पर स्थिति बेहद भयावह हो सकती है। स्थानीय दुकानदारों का कारोबार प्रभावित हो सकता है और राहगीरों की जान पर भी खतरा मंडरा सकता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस पोल की स्थिति लंबे समय से चिंताजनक बनी हुई है। कई लोगों ने इसकी ओर विभाग का ध्यान आकर्षित करने की कोशिश की, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं किया गया। लोगों में इस बात को लेकर नाराजगी है कि किसी बड़े हादसे का इंतजार क्यों किया जा रहा है।
प्राइम चेतना मीडिया ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए अपनी सामाजिक जिम्मेदारी निभाई। प्राइम चेतना मीडिया की टीम ने संबंधित एक्सईएन (XEN) अरूण कुमार भारती से स्वयं फोन पर बात कर पूरे मामले की जानकारी दी। इसके साथ ही झुके हुए बिजली के पोल का वीडियो, फोटो और पूरी लोकेशन व्हाट्सएप के माध्यम से भी भेज दी गई, ताकि विभाग तत्काल मौके पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई कर सके।
अब सवाल यह है कि क्या बिजली विभाग समय रहते इस खतरे को दूर करेगा, या फिर किसी बड़े हादसे के बाद कार्रवाई होगी? क्षेत्रवासियों का कहना है कि जनहित और जनसुरक्षा को देखते हुए इस पोल का तत्काल तकनीकी निरीक्षण कराया जाए और यदि आवश्यक हो तो इसे तुरंत बदला जाए।
प्राइम चेतना मीडिया प्रशासन और बिजली विभाग से अपील करता है कि इस मामले को सर्वोच्च प्राथमिकता पर लेते हुए तत्काल कार्रवाई की जाए। एक जिम्मेदार प्रशासन की पहचान यही है कि वह हादसे के बाद नहीं, बल्कि हादसे से पहले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करे।फतेपुर खमराई–संसारपुर चौराहे पर झुका यह बिजली का पोल केवल लोहे का ढांचा नहीं, बल्कि सैकड़ों लोगों की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मुद्दा है। अब पूरे क्षेत्र की निगाहें बिजली विभाग की कार्रवाई पर टिकी हैं।


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