शिव अग्रवाल ब्यूरोचीफ लखनऊ ईस्ट
सरकारी अभिलेखों में जिंदा व्यक्ति को मृत दिखाने का मामला, आधार निरस्तीकरण से बढ़ी परेशानी — Prime Chetna Media से बातचीत में पीड़ित ने बताई पूरी पीड़ा
लखनऊ। सरकारी सिस्टम की लापरवाही का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। हरचंदपुर ब्लॉक क्षेत्र के चकसुंडा गांव निवासी संजय सिंह (47) को सरकारी अभिलेखों में कथित तौर पर मृत दिखा दिया गया। इतना ही नहीं, आधार कार्ड निरस्त होने के बाद उनके सामने सरकारी योजनाओं और जरूरी दस्तावेजों से जुड़ी परेशानियां खड़ी हो गई हैं।
मामला सामने आने के बाद संजय सिंह ने जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर अपनी समस्या से अधिकारियों को अवगत कराया और खुद को जीवित साबित करने के लिए न्याय की गुहार लगाई। उनका कहना है कि वह पूरी तरह जीवित हैं, लेकिन सरकारी रिकॉर्ड में उन्हें मृत दर्ज कर दिया गया है।
आधार कार्ड निरस्त होने से बढ़ी मुश्किल
बताया गया कि संजय सिंह जब अपने आधार संबंधी कार्य के लिए गए तो उन्हें जानकारी मिली कि उनका आधार कार्ड निरस्त हो चुका है। इसके बाद उन्होंने सरकारी अभिलेखों में दर्ज स्थिति की जानकारी जुटाई तो कथित रूप से पता चला कि रिकॉर्ड में उन्हें मृत दर्शाया गया है।
संजय सिंह के मुताबिक, इस गलती का असर उनके जरूरी सरकारी कार्यों और योजनाओं पर पड़ रहा है। वह चाहते हैं कि संबंधित विभाग पूरे मामले की जांच कर रिकॉर्ड को तत्काल दुरुस्त करे।
डीएम कार्यालय पहुंचा मामला
मामले की गंभीरता को देखते हुए संजय सिंह जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे। वहां उन्होंने अधिकारियों के सामने अपनी समस्या रखी और सरकारी रिकॉर्ड में हुई इस कथित गड़बड़ी को ठीक कराने की मांग की।
खबर के अनुसार, जिलाधिकारी कार्यालय की ओर से संबंधित अधिकारियों को मामले की जांच कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं।
Prime Chetna Media ने पीड़ित से की बातचीत
Prime Chetna Media के ऑनलाइन रिपोर्टर ने संजय सिंह से बातचीत कर पूरे मामले की जानकारी ली। बातचीत में संजय सिंह ने अपनी परेशानी बताते हुए कहा कि सबसे बड़ी चिंता यह है कि वह जीवित होते हुए भी सरकारी रिकॉर्ड में मृत दिखाए जा रहे हैं। उनका कहना है कि जब तक रिकॉर्ड दुरुस्त नहीं होता, तब तक सरकारी कामकाज में उन्हें लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर यह पता लगाया जाए कि सरकारी अभिलेख में उन्हें मृत किस आधार पर दर्ज किया गया और आधार कार्ड निरस्त होने की प्रक्रिया किस स्तर पर हुई।
सवाल यह कि जिम्मेदार कौन?
यह मामला केवल एक व्यक्ति के रिकॉर्ड में हुई गलती तक सीमित नहीं है। सवाल यह भी है कि यदि कोई जीवित व्यक्ति सरकारी दस्तावेजों में मृत घोषित हो जाए तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी? रिकॉर्ड में बदलाव किस स्तर पर हुआ और उसे सत्यापित किए बिना आगे कैसे बढ़ाया गया?
अब देखना यह होगा कि प्रशासन की जांच में इस कथित लापरवाही की वजह क्या सामने आती है और संजय सिंह के सरकारी रिकॉर्ड को कितनी जल्दी दुरुस्त किया जाता है।
Prime Chetna Media इस मामले में प्रशासन की कार्रवाई और जांच रिपोर्ट पर लगातार नजर बनाए हुए है।


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