शिव अग्रवाल ब्यूरोचीफ लखनऊ ईस्ट
लखनऊ। राजधानी लखनऊ के पॉश और VIP इलाके गोमतीनगर में पुलिस व्यवस्था को लेकर चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई है। जिस पुलिस चौकी से इलाके की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था संभालने की जिम्मेदारी है, उसी चौकी के बाहर न चौकी प्रभारी का नाम नजर आ रहा है, न मोबाइल नंबर और न ही जिम्मेदार अधिकारी की कोई स्पष्ट जानकारी।
सामान्य तौर पर पुलिस चौकियों पर प्रभारी का नाम, पदनाम और संपर्क नंबर जैसी आवश्यक जानकारी प्रदर्शित की जाती है, ताकि किसी घटना, शिकायत या आपात स्थिति में आम नागरिक सीधे जिम्मेदार पुलिस अधिकारी से संपर्क कर सके। लेकिन गोमतीनगर की इस चौकी की तस्वीर व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर रही है।
चौकी है या सिर्फ एक ढांचा?
सामने आई तस्वीर में चौकीनुमा भवन तो दिखाई दे रहा है, लेकिन बाहर से देखने पर आम नागरिक को यह तक पता चलना मुश्किल है कि यहां तैनात प्रभारी अधिकारी कौन है और जरूरत पड़ने पर उससे संपर्क कैसे किया जाए।
VIP इलाके में अगर पुलिस चौकी पर ही जिम्मेदार अधिकारी की पहचान और संपर्क जानकारी सार्वजनिक नहीं है, तो आम नागरिक अपनी शिकायत लेकर आखिर किसके पास जाए?
पारदर्शिता पर भी सवाल
पुलिस व्यवस्था में जवाबदेही और पारदर्शिता बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। चौकी प्रभारी का नाम और संपर्क नंबर सार्वजनिक होने से नागरिकों को सीधे पुलिस से जुड़ने में सुविधा होती है। ऐसे में गोमतीनगर जैसे महत्वपूर्ण इलाके में इस तरह की स्थिति कई सवाल खड़े करती है।
स्थानीय लोगों का सवाल है कि जब शहर की अन्य पुलिस चौकियों पर अधिकारियों की जानकारी प्रदर्शित की जाती है, तो यहां यह व्यवस्था क्यों नजर नहीं आ रही? क्या जिम्मेदार अधिकारियों ने कभी चौकी की व्यवस्था और सूचना-पट्ट की स्थिति का निरीक्षण किया?
अफसरों के लिए बड़ा सवाल
गोमतीनगर में पुलिस चौकी की इस स्थिति को लेकर अब संबंधित पुलिस अधिकारियों से जवाब की उम्मीद है। आखिर चौकी पर प्रभारी का नाम, मोबाइल नंबर और जरूरी संपर्क जानकारी कब तक प्रदर्शित की जाएगी?
VIP इलाके में पुलिस चौकी की पहचान तक स्पष्ट न होना महज एक छोटी कमी है या व्यवस्था की बड़ी लापरवाही—इसका जवाब अब जिम्मेदार अधिकारियों को देना होगा।
फोटो खुद बता रही है कहानी, अब जिम्मेदारों की बारी है जवाब देने की।


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