•नए थाना प्रभारी को चार्ज संभालते ही मादक पदार्थों की बिक्री करने वाले माफियाओं की खुली चुनौती:
•कानून के नाक के नीचे नशे का साम्राज्य , शिकायतें बेअसर कार्रवाई शून्य संरक्षण के आरोपों से घिरा थाना लालापुर:
ब्यूरो रिपोर्ट आमिर मिर्ज़ा
लालापुर प्रयागराज : जनपद प्रयागराज के यमुनानगर में मादक पदार्थों की बिक्री करवाने में लालापुर थाना सबसे अब्बल रहा।थाना प्रभारी का चार्ज सम्भालते ही लालापुर थाना क्षेत्र में अवैध मादक पदार्थ बिक्री करने वाले माफियाओं के द्वारा खुली चुनौती दी जा रही है। मादक पदार्थों की खुलेआम बिक्री ने पूरे प्रशासनिक तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े कर दिये है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि लालापुर थाने के एक सिपाही के संरक्षण में यह अवैध कारोबार बेखौफ तरीके से चल रहा है। क्षेत्रीय लोगों के बार-बार शिकायत करने के बावजूद विभागीय कार्रवाई सिर्फ कागजों और आश्वासनों तक सीमित है। क्षेत्र में संचालित इस कथित नशे की दुकान को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि कई बार आबकारी विभाग के इंस्पेक्टर व स्थानीय थाने को दूरभाष के जरिये सूचना दी गई, लेकिन हर बार या तो व्यस्तता का हवाला दिया गया या सिपाही भेजने की बात कहकर मामला टाल दिया गया। हैरानी की बात यह है
कि सूचना देने के बाद भी दुकान पूर्व की तरह खुली रहती है और कारोबार निर्वाध चलता रहता है। सूत्रों के मुताबिक दुकान संचालक खुद खुलेआम दावा करता है कि उसे स्थानीय पुलिस का संरक्षण प्राप्त है इसलिए किसी कार्रवाई का डर नहीं है । उसका कहना है कि अगर कोई दबिश भी होगी तो पहले ही हमें विभाग द्वारा सूचना मिल जायेगी। ऐसे में क्षेत्र में यह कहावत चरितार्थ होती नजर आ रही है कि जब रखक ही भक्षक बन जाए तो कानून का भय खत्म हो जाता है। बताया जा रहा है कि कुछ दिन पहले सूचना पर आबकारी विभाग के इंस्पेक्टर मौके पर पहुंचे थे।
आने से पहले ही सूचना दे दिया था और मौके पर गांजा बरामद भी हुआ, लेकिन कुछ दूर ले जाने के बाद छोड़ दिया गया मामाला वहीं दवा दिया गया। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पैसों के
आगे पूरा मामला रफा-दफाकर दिया जाता है और किसी स्तर पर कोई कार्रवाई दर्ज नहीं की जाती है। ग्रामीणों का कहना है कि इस अवैध नशे के कारोवार से क्षेत्र के सबसे ज्यादा युवा पीढ़ी इसकी गिरफ्त में आते जा रहे है। परिवारों में चिंता बढ़ रही है, लेकिन जिम्मेदार विभाग हाथ पर हाथ रखें बैठा है। लोगों का आरोप है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो आने वाले दिनों में सामाजिक स्थिति और गंभीर हो सकती है। इस पूरे प्रकरण पर आबकारी विभाग के क्षेत्रीय इस्पेक्टर व स्थानीय पुलिस जिम्मेदार है। आबकारी विभाग व स्थानीय पुलिस से संपर्क किया गया तो उन्होंने हर बार अलग-अलग कारण बताते हुए केवल आश्वासन दिया। कभी विभागीय कार्य तो कभी ड्यूटी का हवाला दिया गया।
यहां तक कि जिला आबकारी अधिकारी से भी वार्ता होने के बाद नतीजा शून्य ही रहा। आबकारी विभाग को सूचना देने पर इंस्पेक्टर ने बाहर होने की बात कहकर सिपाही भेजने की बात कही, लेकिन संबंधित सिपाही ने स्वयं दुकान के सेल्समैन से बात होने की बात कहकर मामले को टाल दिया। बाद में इंस्पेक्टर ने खुद जांच कर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। मगर कई दिन बीतने के बाद भी न जांच हुई और न ही कोई कार्रवाई।
अब बड़ा सवाल यह है कि लालापुर थाना के बिल्कुल पास चल रहे इस अवैध कारोबार से आखिर कौन लालापुर पुलिस क्यों अनजान है। अगर जानकारी है तो कार्रवाई क्यों नहीं। क्षेत्रीय जनता ने पुलिस कमिश्नरेट प्रयागराज पीयूष मोर्डिया एवं डीसीपी यमुनानगर विवेक यादव से निष्पक्ष जांच करवाकर दोषियों पर कठोर कार्रवाई की मांग की है ताकि माफियाओं द्वारा संलिप्त नशे के इस खुले खेल पर रोक लग सके और युवाओं का भविष्य बचाया जा सके।





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